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एआई जनरेटेड भारतीय विवाह पूर्व समझौता
PDF & Word - 2026 अपडेट किया गया

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भारत में विवाह पूर्व समझौते की आवश्यकता कब पड़ती है?

  • विवाह से पहले संपत्ति की सुरक्षा के लिए
    यह दस्तावेज़ सुनिश्चित करता है कि आपकी व्यक्तिगत संपत्ति विवाह के बाद भी सुरक्षित रहे।
  • विवाह विच्छेद की स्थिति में आर्थिक स्पष्टता के लिए
    तलाक या अलगाव के समय यह तय करता है कि संपत्ति और धन का बंटवारा कैसे होगा, ताकि विवाद न हो।
  • परिवार के व्यवसाय या संपत्ति को बचाने के लिए
    यह परिवार के व्यवसाय या विरासत वाली संपत्ति को विवाह के प्रभाव से अलग रखने में मदद करता है।
  • दूसरी शादी के जोखिमों से बचाव के लिए
    यदि कोई पहले से विवाहित रहा हो, तो यह नई शादी के लिए पुरानी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करता है।
  • एक अच्छी तरह से तैयार दस्तावेज़ की महत्वपूर्णता
    सही तरीके से लिखा गया समझौता कानूनी रूप से मजबूत होता है और भविष्य की परेशानियों से बचाता है।

भारतीय कानूनी नियम विवाह पूर्व समझौते के लिए

  • कानूनी मान्यता
    भारत में विवाह पूर्व समझौता (प्रीनपचुअल एग्रीमेंट) कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य है और अदालतें इसे मानती हैं।
  • स्वतंत्र सहमति
    समझौता तभी वैध होता है जब दोनों पक्ष स्वतंत्र इच्छा से बिना किसी दबाव के सहमत हों।
  • निष्पक्षता
    समझौते में दोनों पक्षों के हितों का निष्पक्ष तरीके से ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • सार्वजनिक नीति
    समझौता भारतीय कानून की सार्वजनिक नीतियों के विरुद्ध नहीं होना चाहिए, जैसे विवाह को आसानी से तोड़ने वाले प्रावधान।
  • लिखित रूप
    यह हमेशा लिखित रूप में होना चाहिए और दोनों पक्षों के हस्ताक्षर के साथ गवाहों द्वारा प्रमाणित किया जाना चाहिए।
  • कानूनी सलाह
    समझौता बनाने से पहले वकील से सलाह लेना अनिवार्य है ताकि यह कानूनी रूप से मजबूत हो।
  • धोखाधड़ी से बचाव
    यदि समझौते में धोखा या गलत जानकारी हो तो वह अमान्य घोषित हो सकता है।
महत्वपूर्ण

गलत प्रकार या संरचना का उपयोग करने से विवाह पूर्व समझौते में अप्रत्याशित कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

एक उचित विवाह पूर्व समझौता क्या शामिल करे

  • विवाह संपत्ति का बंटवारा
    यह स्पष्ट करता है कि शादी के बाद खरीदी गई संपत्ति का बंटवारा कैसे होगा।
  • पूर्व संपत्ति की सुरक्षा
    शादी से पहले की आपकी संपत्ति और संपत्ति को सुरक्षित रखने के नियम बताता है।
  • वित्तीय जिम्मेदारियां
    दोनों पक्षों की आय, खर्च और वित्तीय योगदान को परिभाषित करता है।
  • तलाक की स्थिति
    तलाक होने पर संपत्ति, रखरखाव और अन्य मुद्दों का समाधान बताता है।
  • गोपनीयता और रहस्य
    विवाह के दौरान साझा की गई निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के प्रावधान शामिल करता है।
  • संशोधन और समाप्ति
    समझौते में बदलाव या इसे समाप्त करने की प्रक्रिया को निर्धारित करता है।

क्यों फ्री टेम्प्लेट्स विवाह पूर्व समझौते के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं

अधिकांश मुफ्त विवाह पूर्व समझौते के टेम्प्लेट सामान्य रूप से तैयार किए जाते हैं और व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखते। गलत शब्दावली से संपत्ति विभाजन, रखरखाव या उत्तराधिकार संबंधी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं, समझौते को अमान्य बना सकते हैं या कानूनी जटिलताएं पैदा कर सकते हैं।

हमारा AI-जनित वैयक्तिकृत विवाह पूर्व समझौता दस्तावेज़ आपकी विशिष्ट आवश्यकताओं, संपत्ति विवरण और पार्टियों की सहमति के आधार पर तैयार किया जाता है, जो सटीक, कानूनी रूप से मजबूत और भारत के कानूनों के अनुरूप होता है।

4 आसान चरणों में अपना कस्टम विवाह पूर्व समझौता उत्पन्न करें

1
कुछ प्रश्नों का उत्तर दें
हमारा AI आपको आवश्यक जानकारी के माध्यम से मार्गदर्शन करता है।
2
अपना दस्तावेज़ बनाएँ
Docaro आपकी आवश्यकताओं के अनुसार विशेष रूप से तैयार एक कस्टम दस्तावेज़ बनाता है।
3
समीक्षा & संपादित करें
अपने दस्तावेज़ की समीक्षा करें और कोई अन्य अनुरोधित बदलाव भेजें।
4
डाउनलोड & साइन
अपने दस्तावेज़ को PDF, Word, Txt या HTML के रूप में डाउनलोड करें।

हमारे AI विवाह पूर्व समझौता जनरेटर का उपयोग क्यों करें?

तेजी से उत्पन्न करना
तेजी से एक व्यापक विवाह पूर्व समझौता उत्पन्न करें, पारंपरिक दस्तावेज़ मसौदा बनाने में होने वाली परेशानी और समय को समाप्त कर दें।
निर्देशित प्रक्रिया
हमारा उपयोगकर्ता-अनुकूल प्लेटफ़ॉर्म आपको दस्तावेज़ के प्रत्येक अनुभाग के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन करता है, संदर्भ और मार्गदर्शन प्रदान करता है ताकि आप एक पूर्ण और सटीक दस्तावेज़ के लिए सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
कानूनी टेम्पलेट्स से सुरक्षित
हम कभी भी कानूनी टेम्पलेट का उपयोग नहीं करते। सभी दस्तावेज़ पहले सिद्धांतों से धारा दर धारा उत्पन्न किए जाते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि आपका दस्तावेज़ विशेष रूप से आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुरूप कस्टम और अनुकूलित हो। इससे कोई भी कानूनी टेम्पलेट प्रदान कर सकता है, उससे कहीं अधिक सुरक्षित और सटीक दस्तावेज़ प्राप्त होता है।
व्यावसायिक रूप से प्रारूपित
आपका विवाह पूर्व समझौता पेशेवर मानकों के अनुसार फॉर्मेट किया जाएगा, जिसमें शीर्षक, खंड संख्या और संरचित लेआउट शामिल हैं। कोई अतिरिक्त संपादन आवश्यक नहीं है। अपना दस्तावेज़ PDF या Word में डाउनलोड करें।
भारतीय कानून के अनुपालन
विश्वास रखें कि सभी उत्पन्न दस्तावेज़ भारत के नवीनतम कानूनी मानकों और नियमन का पालन करते हैं, जिससे विश्वास और विश्वसनीयता में वृद्धि होती है।
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आपका विवाह पूर्व समझौता生成 करने के लिए किसी भुगतान या साइन अप की आवश्यकता नहीं है। बस कुछ सवालों के जवाब दें और आपके अंतिम दस्तावेज़ का एक पूर्वावलोकन उत्पन्न होगा।
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अनुपालन कानून

आपका AI जनरेटेड विवाह पूर्व समझौता निम्नलिखित विधान और विनियमों के अनुपालन के लिए जाँचा जाएगा:
यह अधिनियम हिंदू विवाहों को नियंत्रित करता है, जिसमें पूर्व-नुपनलेखन समझौते (प्रीनपचुअल एग्रीमेंट) संपत्ति और भरण-पोषण के संबंध में लागू होते हैं।
यह अधिनियम अंतर-धार्मिक विवाहों के लिए है और पूर्वनुपनलेखन समझौतों को संपत्ति विभाजन के संदर्भ में मान्यता देता है।
पूर्वनुपनलेखन समझौते अनुबंध के रूप में मान्य होते हैं, जो इस अधिनियम के तहत शासित होते हैं, बशर्ते वे नैतिक और कानूनी हों।
यह अधिनियम संपत्ति उत्तराधिकार को नियंत्रित करता है, जो पूर्वनुपनलेखन समझौतों में संपत्ति अधिकारों को प्रभावित करता है।
यह अधिनियम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है और पूर्वनुपनलेखन समझौतों में भरण-पोषण प्रावधानों को प्रभावित कर सकता है।
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विवाह पूर्व समझौता क्या है?

विवाह पूर्व समझौता एक कानूनी दस्तावेज है जो दो व्यक्तियों द्वारा विवाह से पहले उनके संपत्ति, वित्तीय अधिकारों और तलाक की स्थिति में दायित्वों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करता है। यह समझौता दंपति को भविष्य की अनिश्चितताओं से बचाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है, जिसमें संपत्ति विभाजन और रखरखाव जैसे मुद्दे शामिल होते हैं।

विवाह पूर्व समझौते का इतिहास पश्चिमी देशों में 19वीं शताब्दी से जुड़ा है, जहां यह अमीर परिवारों द्वारा संपत्ति संरक्षण के लिए उपयोग किया जाता था। भारत में, यह अवधारणा पारंपरिक हिंदू और मुस्लिम कानूनों से प्रभावित रही, लेकिन आधुनिक रूप में 20वीं शताब्दी के अंत में लोकप्रिय हुई, विशेष रूप से शहरी और अंतरराष्ट्रीय विवाहों में। अधिक जानकारी के लिए विवाह पूर्व समझौते के कानूनी पहलू भारत में देखें।

भारत में विवाह पूर्व समझौते की कानूनी स्थिति अस्पष्ट है, क्योंकि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 या विशेष विवाह अधिनियम, 1954 में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों, जैसे शंति देवी बनाम भारत सरकार (1982), में इसे सार्वजनिक नीति के विरुद्ध माना गया है, लेकिन हाल के मामलों में इसे सीमित रूप से मान्यता दी जा रही है यदि यह स्वैच्छिक और निष्पक्ष हो। विस्तृत मार्गदर्शन के लिए Indian Kanoon पर सुप्रीम कोर्ट निर्णय पढ़ें।

भारत में विवाह पूर्व समझौते का उपयोग करते समय, हमेशा कस्टम AI-जनरेटेड कानूनी दस्तावेज का सुझाव देते हैं Docaro जैसे प्लेटफॉर्म से, जो आपकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित दस्तावेज तैयार करता है। इससे सुनिश्चित होता है कि समझौता भारतीय कानूनों के अनुरूप हो और किसी वकील की सलाह ली जाए।

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विवाह पूर्व समझौते का उपयोग कब करें और कब न करें?

विवाह पूर्व समझौते का उपयोग उन परिस्थितियों में उपयुक्त होता है जहां दंपति अपनी वित्तीय संपत्ति और दायित्वों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना चाहते हैं, विशेष रूप से जब उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि भिन्न हो। उदाहरण के लिए, यदि एक पक्ष की संपत्ति अधिक हो या व्यवसायिक हित जुड़े हों, तो यह समझौता तलाक या विवाद की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करता है।

भारतीय संदर्भ में, विवाह पूर्व समझौते का उपयोग अंतर-जातीय विवाह या एनआरआई विवाह में भी फायदेमंद हो सकता है, जहां सांस्कृतिक और कानूनी जटिलताएं हो सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए, हिंदू विवाह अधिनियम की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

हालांकि, विवाह पूर्व समझौते का उपयोग उन स्थितियों में न किया जाए जहां दंपति का विश्वास पूर्ण रूप से स्थापित हो और समान आर्थिक स्थिति हो, क्योंकि यह अविश्वास का संकेत दे सकता है। इसके अलावा, यदि सहमति जबरदस्ती से ली गई हो या धोखाधड़ी शामिल हो, तो इसका उपयोग अनुपयुक्त है।

कस्टम AI-जनित कानूनी दस्तावेज के लिए Docaro का उपयोग करें, जो भारतीय कानून के अनुरूप विशेष समझौते तैयार करता है। सामान्य टेम्प्लेट्स से बचें और व्यक्तिगत सलाह लें।

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विवाह पूर्व समझौते में मुख्य धाराएं कौन-सी हैं?

विवाह पूर्व समझौता (प्रीनप्शुअल एग्रीमेंट) एक कानूनी दस्तावेज है जो विवाह से पहले दंपति द्वारा संपत्ति, वित्तीय अधिकारों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाता है। भारत में, हालांकि यह सीधे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 के तहत इसे लागू किया जा सकता है यदि यह निष्पक्ष और स्वेच्छा से तैयार किया गया हो।

संपत्ति विभाजन विवाह पूर्व समझौते की मुख्य धारा है, जिसमें दंपति अपनी वर्तमान संपत्ति और भविष्य की संपत्ति को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हैं, जैसे कि कौन सी संपत्ति विवाह के बाद अलग-अलग रहेगी। यह धारा तलाक या मृत्यु की स्थिति में संपत्ति के बंटवारे को आसान बनाती है, जिससे पारिवारिक विवादों को कम किया जा सके।

रखरखाव (अलिमोनी) से संबंधित धारा में पति या पत्नी द्वारा एक-दूसरे को वित्तीय सहायता की राशि, अवधि और शर्तें निर्धारित की जाती हैं। यह हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता न पड़े।

अन्य महत्वपूर्ण धाराएं वित्तीय प्रकटीकरण, बच्चों की कस्टडी और विवाह विच्छेद की शर्तें शामिल कर सकती हैं। ऐसे समझौते के लिए डोकारो जैसे कस्टम AI-जनित कानूनी दस्तावेजों का उपयोग करें, जो आपकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार तैयार होते हैं।

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विवाह पूर्व समझौते में मुख्य अपवर्जन क्या हैं?

विवाह पूर्व समझौते, या प्रीन्युप्शियल एग्रीमेंट, में कुछ तत्वों को शामिल करने से बचना चाहिए ताकि यह कानूनी रूप से अमान्य न हो जाए। भारत में, ये समझौते हिंदू विवाह अधिनियम और अन्य पारिवारिक कानूनों के अधीन होते हैं, जहां बच्चों के अधिकार जैसे भरण-पोषण या हिरासत को तय करने वाली शर्तें निषिद्ध हैं।

अवैध शर्तें भी समझौते को शून्य कर सकती हैं, जैसे कि विवाह विच्छेद को प्रोत्साहित करने वाली या सार्वजनिक नीति के विरुद्ध धाराएं। उदाहरणस्वरूप, यदि कोई शर्त विवाह के पवित्र बंधन को कमजोर करती है, तो अदालत इसे अस्वीकार कर देगी। अधिक जानकारी के लिए, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 23 देखें।

इसके अलावा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता सीमित करने वाली शर्तें, जैसे धार्मिक प्रथाओं पर प्रतिबंध, भी शामिल न की जाएं। हमेशा एक योग्य वकील से परामर्श लें या Docaro जैसे कस्टम AI-जनित कानूनी दस्तावेजों का उपयोग करें जो भारतीय कानूनों के अनुरूप हों।

विवाह पूर्व समझौते में पक्षकारों के मुख्य अधिकार और दायित्व क्या हैं?

विवाह एक पवित्र बंधन है जिसमें पति-पत्नी के अधिकार और दायित्व समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं। भारत में हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत, पति-पत्नी एक-दूसरे के प्रति वफादार रहने, सहयोग करने और पारिवारिक कल्याण सुनिश्चित करने के दायित्व रखते हैं।

वित्तीय खुलासा विवाह के दौरान एक महत्वपूर्ण अधिकार है, जहां दोनों पक्षों को अपनी संपत्ति, आय और देनदारियों की पूरी जानकारी साझा करनी चाहिए। यह पारदर्शिता संपत्ति विभाजन या तलाक की स्थिति में विवादों को कम करती है, जैसा कि हिंदू विवाह अधिनियम में वर्णित है।

गोपनीयता का अधिकार पति-पत्नी के बीच निजी मामलों को सुरक्षित रखने से संबंधित है, लेकिन यह कानूनी दायित्वों जैसे घरेलू हिंसा या अपराध की रिपोर्टिंग के अधीन है। भारतीय दंड संहिता की धारा 377 या घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत, गोपनीयता का उल्लंघन गंभीर परिणाम भरा हो सकता है।

अधिक जानकारी के लिए, राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट पर विवाह संबंधी कानूनी सलाह प्राप्त करें। कानूनी दस्तावेजों के लिए, Docaro जैसे AI टूल्स का उपयोग करके कस्टम लॉगल डॉक्यूमेंट्स तैयार करने की सिफारिश की जाती है।

विवाह पूर्व समझौते पर हालिया या आगामी कानूनी परिवर्तन क्या हैं?

भारत में विवाह पूर्व समझौते (प्री-नुप्शियल एग्रीमेंट्स) पारंपरिक रूप से कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, लेकिन हाल के वर्षों में अदालतों ने इनकी उपयोगिता को स्वीकार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि ये समझौते स्वैच्छिक और निष्पक्ष हों, तो इन्हें लागू किया जा सकता है, खासकर संपत्ति विभाजन के मामलों में।

हालिया अदालती फैसलों में, जैसे कि विनीता सक्सेना बनाम पंकज पंडित (2019) मामले में, दिल्ली हाईकोर्ट ने प्री-नुप्शियल एग्रीमेंट्स को संपत्ति अधिकारों के संदर्भ में वैध माना, बशर्ते वे सार्वजनिक नीति के विरुद्ध न हों। इससे पारिवारिक कानून में बदलाव की संभावना बढ़ी है, जहां महिलाओं के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की वेबसाइट देखें।

आगामी कानूनी बदलावों के संदर्भ में, सरकार हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन पर विचार कर रही है, जो प्री-नुप्शियल एग्रीमेंट्स को औपचारिक रूप से मान्यता दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा और विवाह संबंधी विवादों को कम करेगा। कानूनी दस्तावेजों के लिए, Docaro जैसे AI-जनित कस्टम दस्तावेज का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

विवाह पूर्व समझौता कैसे बनवाएं?

1
विशेषज्ञ से परामर्श लें
विवाह पूर्व समझौते की आवश्यकता समझें। Docaro का उपयोग करके अपनी विशिष्ट स्थिति के अनुसार कस्टम दस्तावेज़ उत्पन्न करें। अधिक जानकारी के लिए [विवाह पूर्व समझौता कैसे बनाएं: स्टेप बाय स्टेप गाइड](/hi-in/a/vivah-purva-samjhauta-kaise-banaye-step-by-step-guide) पढ़ें।
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मुख्य शर्तें निर्धारित करें
संपत्ति, वित्त और जिम्मेदारियों पर चर्चा करें। Docaro के माध्यम से AI-जनित bespoke दस्तावेज़ में इन शर्तों को शामिल करें।
3
दस्तावेज़ तैयार और समीक्षा करें
Docaro से उत्पन्न दस्तावेज़ को दोनों पक्षों द्वारा पढ़ें और संशोधित करें। कानूनी सलाह लें।
4
समझौते पर हस्ताक्षर करें
दोनों पक्ष नोटरी के समक्ष हस्ताक्षर करें। समझौते को सुरक्षित रखें।

विवाह पूर्व समझौते के फायदे और नुकसान क्या हैं?

विवाह पूर्व समझौता, जिसे प्रीनप्शुअल एग्रीमेंट भी कहा जाता है, दंपत्तियों को विवाह से पहले संपत्ति, वित्तीय अधिकारों और तलाक की स्थिति में जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का अवसर प्रदान करता है। भारत में विवाह पूर्व समझौते के फायदे और नुकसान को समझने के लिए विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।

इसके लाभों में संपत्ति की रक्षा और विवाह विच्छेद के दौरान विवादों को कम करना शामिल है, जो भारतीय कानून के तहत उपयोगी हो सकता है। यह दंपत्तियों को वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है और भविष्य की अनिश्चितताओं से बचाव करता है।

हालांकि, कमियां भी हैं जैसे कि यह विवाह को एक व्यापारिक सौदे की तरह प्रतीत करा सकता है, जो भावनात्मक बंधन को प्रभावित करता है। भारत में, ये समझौते हमेशा अदालतों द्वारा मान्य नहीं होते, जैसा कि भारतीय कानूनी निर्णयों से स्पष्ट है।

विवाह पूर्व समझौते के लिए सामान्य टेम्प्लेट्स का उपयोग न करें; इसके बजाय, Docaro जैसे बेस्पोक AI जनरेटेड कानूनी दस्तावेज का सहारा लें जो भारतीय संदर्भ में अनुकूलित हों।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विवाह पूर्व समझौता (Prenuptial Agreement) एक कानूनी दस्तावेज है जो दो व्यक्तियों द्वारा विवाह से पहले हस्ताक्षरित किया जाता है। यह संपत्ति, वित्तीय अधिकारों, और विवाह विच्छेद की स्थिति में दायित्वों को स्पष्ट करता है। भारत में यह समझौता हिंदू विवाह अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत मान्य हो सकता है, लेकिन कानूनी सलाह आवश्यक है।

दस्तावेज़ निर्माण सामान्य प्रश्न

Docaro एक एआई-संचालित कानूनी दस्तावेज़ जनक है जो आपको पूरी तरह से स्वरूपित, कानूनी रूप से ध्वनि अनुबंध और समझौतों को कुछ ही मिनटों में बनाने में मदद करता है। बस कुछ मार्गदर्शित प्रश्नों का उत्तर दें और अपने दस्तावेज़ को तुरंत डाउनलोड करें।
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बाल भरण-पोषण समझौता माता-पिता के बीच बच्चों के वित्तीय समर्थन के लिए एक कानूनी दस्तावेज है।
पालन-पोषण योजना तलाक या अलगाव के मामलों में बच्चों की देखभाल, हिरासत और संपर्क व्यवस्था को नियंत्रित करने वाला कानूनी दस्तावेज है।
यह दस्तावेज़ नाबालिग बच्चे की यात्रा के लिए माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति प्रदान करता है।

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